अमन लेखनी समाचार
विकल्प कुमार शर्मा
बहराइच। जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में गर्मी के कारण तालाब ,कुँए , सूखने लगे हैं व जिम्मेदारों की अनदेखी से ग्राम पंचायत मोहरना के पास से निकलने वाली नहर के साथ जनपद की कई नहरों में बिल्कुल भी पानी नही है जिससे पशुओं – पक्षियों व जनमानस का जीवन बेहाल हैं पशु पक्षियों के संरक्षण की कोई व्यवस्था नजर नही आ रही हैं पानी की बढ़ती समस्या से राहत दिलाने के लिए प्रशासन की ओर से कोई कदम नही उठाया गया हैं तपती दोपहरी में पशु पक्षी प्यास के मारे- मारे भटकते नजर आ रहे हैं गाँवो में जल स्रोतों के मानने में बेहतर समझे जाने वाले कुँए भी अपना अस्तित्व खोते जा रहे हैं तालाबों के सूख जाने से मछली का व्यवसाय करने वालो को भी काफी दिक्कत हो रही है व कुछ नहरों का पानी भी सूख गया हैं पर जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी से कन्नी काट रहे हैं सर्वोच्च न्यायालय ने तालाबों के अस्तित्व को बरकरार रखने के लिए आदेश बहुत पहले ही दिया है फिर भी जगह जगह अतिक्रमण किया जा रहा है कहने को तो जिम्मेदारो द्वारा गाँव- गाँव मे लाखों रुपए खर्च कर तालाब खुदवाये जा रहे है जिन्हें बड़े गर्व से आदर्श तालाब का नाम दिया जाता हैं परंतु दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति यह हैं कि जब पशु पक्षियों एवं मनुष्यों को पानी की सबसे अधिक आवश्यकता है तब सारे तालाब सूखे पड़े हैं नहरों में पानी नही है । इस बात की जानकारी जिम्मेदारों को हैं फिर भी तमाशाई बने हुए हैं , ग्रामीण वासियों ने कुँए, तालाब व नहरों में पानी की उपलब्धता की माँग की है जिससे पशुओं- पक्षियों को पानी के लिए भटकना ना पड़े। फिर भी जानकारी संज्ञान में देने के बाद भी जिम्मेदार मौन।



