अमन लेखनी समाचार
सफीपुर उन्नाव
अभिमान मनुष्य के जीवन को गर्त में जाता है,लेकिन ईस्वर से प्रेम का अभिमान जीवन की वैतरणी पार लगा देती है।
उक्त उद्गार क्षेत्र के सुख्खा खेड़ा गांव में चल रहे श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिन भागवताचार्य विनोद तिवारी ने व्यक्त किये।उन्होंने कहा कि मनुष्य व्यर्थ का अभिमान करके अपने जीवन को गर्त में ले जाने का काम करता है।अगर अभिमान ही करना है तो ईस्वर से आगाध प्रेम करके करो तो सारा जीवन धन्य हो जाएगा।उन्होंने कहा कि कथा श्रवण मात्र से मन निर्मल हो जाता है और वह भक्ति मार्ग का पथिक बनकर भगवान की कृपा से परलोक तक का रास्ता तय करता है।उन्होंने कहा कि भगवान अपने भक्तों के बस में रहते हैं उसका कल्याण वह स्वयं करने में विलंब नहीं करते हैं। उन्होंने भगवान कृष्ण की रहस्यमई बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए सभी को भक्ति मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। कथा व्यास ने कहा कि संसार में लिप्त होने के बजाय यदि मनुष्य परमपिता परमात्मा में आसक्त हो जाए तो आनंद की अनुभूति होने में संशय नहीं रह जाता। उन्होंने प्रसंगों के माध्यम से श्रोताओं को भावविभोर करते हुए सत्संग करने सदाचारी वा परोपकारी बनने की सीख दी।आयोजक राजू सिंह,मंजू सिंह ने बताया कि कल गुरुवार को कथा विश्राम व शुक्रवार को हवन भंडारे का आयोजन किया जाएगा।इस अवसर पर ऊगू नगर अध्यक्ष अनुज दीक्षित, जिला पंचायत सदस्य गुड्डू मिश्रा,सतेंद्र शुक्ल,नान्हा सिंह ,कमलेश गुप्ता,मोनू सिंह अनुराग तिवारी आदि सैकड़ो लोगों ने कथा का रसपान किया।





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