अमन लेखनी समाचार/केके सिंह राठौड़
लखनऊ। जनऔषधि दिवस के मौके पर जन औषधि केंद्र पीजीआई रायबरेली रोड स्थित जन औषधि केंद्र की संचालिका पूजा ठाकुर द्वारा जूनियर हाई स्कूल हैबत मऊ मवईया में सप्ताह के अंतिम दिन यानी 7 मार्च रविवार को जन औषधि दिवस के रूप में मनाया गया। इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि रहीं भारतीय जनता पार्टी की उपाध्यक्ष कमलावती सिंह। मुख्य अतिथि का श्रीमती सीमा सिंह वार्ड अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी डॉ अजय कुमार सामाजिक कार्यकर्ता आदि ने साल भेंट कर किया सम्मानित। जन औषधि दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस स्कीम के लाभार्थियों से बात की। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने शिलांग स्थित इंदिरा गांधी क्षेत्रीय स्वास्थ्य और चिकित्सा संस्थान में 7500वें जन औषधि केंद्र को देश को समर्पित किया। लोगों को सस्ती दर पर दवा उपलब्ध कराने के लिए केंद्र की मोदी सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में सरकार ने देश के विभिन्न हिस्सों में जन औषधि केंद्र खोलने के लिए लोगों को प्रोत्साहित भी किया है। 7500वे जन औषधि केंद्र के लोकार्पण की बधाई देते हुए भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं प्रधान संपादक अमन लेखनी राज कुमार सिंह चौहान एडवोकेट ने कहां की सेवा भाव से सामाजिक कार्यकर्ता व एनजीओ तथा डॉक्टरी पैसे में काम करने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं के लिए यह गरीब लोगों की सेवा करने का बेहतरीन मौका है। इससे रोजगार भी मिलेगा और समाज की सेवा भी की जा सकेगी।
पीएम ने ट्वीट करके कही ये बात
पीएम मोदी ने ट्वीट करके कहा कि जनऔषधि योजना को देश के कोने-कोने में चलाने वाले और इसके कुछ लाभार्थियों से मेरी जो चर्चा हुई है, उससे स्पष्ट है कि ये योजना गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों की बहुत बड़ा साथी बन रही है। उन्होंने कहा कि ये योजना सेवा और रोज़गार दोनों का माध्यम बन रही है। इस योजना से पहाड़ी क्षेत्रों में, नॉर्थईस्ट में, जनजातीय क्षेत्रों में रहने वाले देशवासियों तक सस्ती दवा देने में मदद मिल रही है। 7500वे केंद्र का लोकार्पण किया गया है तो वो शिलॉन्ग में हुआ है। इससे स्पष्ट है कि नॉर्थईस्ट में जनऔषधि केंद्रों का कितना विस्तार हो रहा है। उपाध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी ने औषधि केंद्र पर जा दवाइयों की जानकारी ली।
2015 में प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना शुरू हुई थी
भारतीय जनता पार्टी की उपाध्यक्ष कमलावती सिंह ने कहा
आम आदमी पर से दवाई के खर्च का बोझ कम करने के लिए मोदी सरकार ने 2015 में प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना शुरू की थी। सरकार का उद्देश्य आम आदमी तक सस्ती दवाएं पहुंचाने के साथ अपना बिजनेस शुरू करने का मौका देना भी है। जन औषधि केंद्रों पर दवाएं 90 फीसदी तक सस्ती मिलती हैं क्योंकि ये जेनेरिक दवाएं होती हैं।
प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना का मकसद लोगों को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराना है । इस योजना से जहां लोगों को सस्ती दवा मिल रही है वहीं बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार भी मिल रहा है। सब का यह प्रयास होना चाहिए कि यह बात जन-जन तक बताई जाए जिससे गरीब वंचित और असहाय लोगों को कम खर्चे में दवा उपलब्ध हो सके। उन्होंने पूजा ठाकुर संचालिका प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र व प्रबंधक शिव नंदन ठाकुर की ईमानदारी के साथ कठिन परिश्रम करते हुए भारत के प्रधानमंत्री की योजना को विस्तार करने की जो मुहिम चला रखी उसके लिए उनकी पीठ भी थपथपाई।
ये लोग खोल सकते हैं जन औषधि केंद्र ।
सरकार ने जन औषधि केंद्र खोलने के लिए तीन तरह की कैटेगरी बनाई है। पहली कैटेगरी के तहत काई भी व्यक्ति, बेरोजगार फार्मासिस्ट, डॉक्टर या रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशन स्टोर शुरू कर सकता है। दूसरी कैटेगरी के तहत ट्रस्ट, एनजीओ, प्राइवेट हॉस्पिटल, सोसायटी सेल्फ हेल्प ग्रुप को अवसर मिलेगा। तीसरी कैटेगरी में राज्य सरकारों की तरफ से नॉमिनेट की गई एजेंसीज होंगी। प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र के नाम से दवा की दुकान खोली जाती है।
यहां से मिल जाएगा फॉर्म
जन औषधि केन्द्र के लिए रिटेल ड्रग सेल्स का लाइसेंस जन औषधि केंद्र के नाम से लेना होता है।इसके लिए जन सुविधा केंद्र साइट से फॉर्म रजिस्ट्रेशन हेतु डाउनलोड कर सकते हैं।
कमाई का है ये फॉमूर्ला
जन औषधि केंद्र शुरू करने में 2.50 लाख रुपए का खर्च आता है और इसका पूरा खर्च सरकार खुद उठा रही है। जन औषधि केंद्र से दवाओं की बिक्री पर 20 फीसदी तक कमीशन मिलता है। इसके अलावा हर महीने होने वाली बिक्री पर अलग से 15 फीसदी का इंसेंटिव मिलता है, हालांकि इंसेंटिव की अधिकतम सीमा 10,000 रुपए महीना तय है। नक्सल प्रभावित और नॉर्थ ईस्ट के राज्यों में इंसेंटिव की अधिकतम सीमा 15 हजार रुपए प्रति माह तक है. यह इंसेंटिव तब तक मिलेगा, जब तक कि 2.5 लाख रुपए पूरे न हो जाएं। अगर आपने महीने में 1 लाख रुपए की भी बिक्री की तो आपको 30 हजार रुपए की कमाई हो जाएगी। प्रधानमंत्री के वीडियो कांफ्रेंसिंग के बाद क्विज कंपटीशन में तीन विजेताओं को उपाध्यक्ष द्वारा पुरस्कार वितरण किया गया
जिसमें प्रथम विजेता को रुपए 5000 द्वितीय विजेता को रुपए 3000 तथा तृतीय विजेता को रुपए 1500 का पुरस्कार दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के सम्मानित पत्रकार मंडल मीडिया प्रभारी भारतीय जनता पार्टी कामता सिंह भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेत्री सरला सिंह राजेंद्र सिंह सामाजिक कार्यकर्ता निवासी मवैया, नीरज, दिलीप सिंह निवासी चरण भट्ठा रोड तथा स्कूल के बच्चे व बच्चियां आसपास के आम नागरिक मौजूद रहे।





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