आगरा सदर तहसील
ताजनगरी आगरा के सदर तहसील में सिक्कों की खनक से जिम्मेदार नतमस्तक हो गए। जोंस मिल में नहर व जलमग्न भूमि का बिल्डर के नाम दाखिला खारिज हो गया। नजूल मुहर्रिर ने सरकारी जमीन की फर्जी एनओसी दी। मामला खुलने पर डीएम ने नजूल मुहर्रिर गिर्राज शर्मा को निलंबित किया, जबकि तहसीलदार को दाखिला खारिज निरस्त करना पड़ा था।
बोदला-लोहामंडी रोड पर चार बीघा जमीन टहल सिंह ने नाम दर्ज थी। वरासत के बाद पुत्री उमा देवी ने नामांतरण के लिए आवेदन किया। जिस पर तीन-चार आपत्तियां आई। चार बीघा जमीन पर कब्जा कराने का खेल खुलने से पहले ही तहसील प्रशासन ने उमा देवी का नाम खतौनी में दर्ज कर लिया।
बेदखली के 250 मुकदमे लंबित
सदर तहसीलदार कोर्ट में सार्वजनिक भूमि पर कब्जे के 250 मामले लंबित हैं। दबंग और भूमाफिया प्रवृत्ति के जिन लोगों ने कब्जे किए उन्हें प्रशासन बेदखल नहीं कर सका। भूमि पर पक्के निर्माण कर दबंग और भूमाफिया लाभ उठा रहे हैं। जिलाधिकारी भानु चंद्र गोस्वामी का कहना है कि अवैध कब्जे हटाने के निर्देश दिए हैं। शिकायत या लापरवाही मिलने पर संबंधित के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।







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