अमन लेखनी समाचार/के के सिंह राठौड़
लखनऊ। विश्व जल दिवस के मौके पर दिन सोमवार को अमन लेखनी परिवार की पहल पर उतरठिया के निकट पार्क में स्थित तालाब का इंजीनियर विभाग नगर निगम के सहयोग से सघन सफाई अभियान चलाया गया, जिसमें अमन लेखनी परिवार के सदस्यों ने भाग लिया। दिन रविवार अमन लेखनी परिवार की वर्चुअल मीटिंग में केद्रीय कार्यालय बनी बंथरा से प्रधान संपादक राजकुमार सिंह चौहान ने पत्रकारों से कहा था कि पत्रकारिता के साथ समाज जव राष्ट्र के प्रति कर्तव्यों का बोध भी होना चाहिए। इसी क्रम में अमन लेखनी परिवार के पदाधिकारी व सदस्य गणों ने विश्व जल दिवस पर स्वच्छता अभियान की पहल कर उतरठिया के निकट वृंदावन आवास विकास योजना सेक्टर 1 में स्थित पार्क के तालाब का सफाई अभियान शुरू कर सामाजिक कार्यों में अपना सर्वश्रेष्ठ करने का शुरुआत की। दैनिक अमन लेखनी समाचार केे प्रधान संपादक व भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता राजकुमार सिंह चौहान ने अमन लेखनी परिवार द्वारा तालाबों में स्वच्छता जैसे सामाजिक कार्यों के करने पर उनकी पीठ थपथपाई तथा जूनियर इंजीनियर अभिषेक गुप्ता नगर निगम जोन 8 लखनऊ व सुपरवाइजर पुष्पेंद्र सिंह तथा सफाई करने में लगे हुए मजदूरों द्वारा शहर को स्वच्छ बनाने की पहल को सराहा तथा शहर लखनऊ को स्वच्छ बनाने में जूटे सभी जनों को धन्यवाद व आभार व्यक्त किया।
बताते चले पिछले कई सालों से इस तालाब की सफाई नहीं हुई थी इसमें गंदगी जमा हो रही थी। तालाब पार्क के अंदर होने की वजह से सफाई कर्मचारी उद्यान विभाग का मामला कहकर सफाई करने से कतराते भी रहे । जिसकी वजह से तालाब में बदबू भी उठने लग गई थी। सफाई होने पर कॉलोनी वासियों ने ने राहत की सांस ली। अमन लेखनी समाचार के प्रधान संपादक राजकुमार सिंह चौहान ने विश्व जल दिवस पर अमन लेखनी परिवार की टीम द्वारा जल संरक्षण और तालाब की साफ सफाई कार्यक्रम में भाग लेने पर अमन लेखनी परिवार के सदस्यों, तथा इंजीनियर विभाग नगर निगम लखनऊ की टीम को बहुत-बहुत अभिनंदन किया और उम्मीद जताई कि आगे भी ऐसे ही समाज हित के कार्यों में भाग लेते रहेंगे। चौहान ने विश्व जल दिवस पर कहा रहिमन पानी राखिए बिन पानी सब सून पानी गए न ऊबरे मोती मानस चून। सभी को विश्व जल दिवस पर पानी का सम्मान करने की सलाह भी दी, तथा विश्व जल दिवस पर सभी को शुभकामनाए देते हुए कहा प्रकृति हमारी सभी जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध करवाती हैं,जल जंगल ज़मीन, तालाब के संरक्षण हेतु प्रकृति का संतुलन बनाये रखने का संकल्प लें। बताते चलें साल 1992 में रियो डि जेनेरियो में आयोजित पर्यावरण तथा विकास के नजरिए से संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन में विश्व जल दिवस को मनाने की शुरुआत की गई थी, जिसका आयोजन पहली बार साल 1993 में 22 मार्च को हुआ था।
अजय कुमार सिंह सामाजिक कार्यकर्ता ने जल दिवस पर कहा पिछले कुछ सालों से देशभर में पानी की किल्लत बढ़ती जा रही है। बदलते पर्यावरण के कारण समय पर बारिश का ना होना, जिस वजह से हर साल देश के कई राज्यों को अकाल जैसी आपदा का सामना करना पड़ता है। भारत का भूजल का भण्डार अभी 72 प्रतिशत खाली हो चुका है और इसमें से 54 प्रतिशत पानी पीने योग्य नहीं है। बढ़ती पानी की कमी के लिए बेहद ज़रूरी है कि पानी को बचाया जाए।
श्रीमती सीमा सिंह वार्ड अध्यक्ष बीजेपी ने कहा
विश्व जल दिवस के अवसर पर आइए हम सब मिलकर जल संरक्षण के प्रति लोगों को प्रोत्साहित करें!, जल है तो कल है ।
तूलिका त्रिपाठी ने विश्व जल दिवस पर कहा लोग अमर होने के लिए अमृत की खोज दुनिआ भर में करते है लेकिन ऐसा कोई अमृत होगा तो हमारे हाथो जल के माध्यम से ही प्राप्त हो सकेगा उसकी कोई फिक्र नहीं करता, कृपया जल का सम्मान कीजिये ।
कर्नल दयाशंकर दुबे प्रदेश संयोजक पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ ने कहा जल जीवन का आधार है! विश्व जल दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। आइये! जल दिवस पर यह संकल्प करे कि स्वयं भी जल संरक्षण करेंगे और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे।
मनोज कुमार सिंह जिला अध्यक्ष पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ ने कहा वास्तव में जल अमृत है क्योकि दुनिआ का प्रत्येक जीव में चेतना का संचालन जल से ही संभव है लेकिन वर्तमान में हम लोगों ने जल को गन्दा करके अमृत को अशुद्ध करने का काम किया है ये हमारी सबसे बड़ी भूल है ,कृपया जल का सम्मान करो , क्यों कि जल ही जीवन है
अभय सिंह युवा नेता लखनऊ ने पानी के बारे में कहा
हमारे दादाजी ने जिसे नदी में देखा, पिताजी ने कुएं में, हमने जिसे नल में देखा,
और बच्चों ने बोतल में, पर अब उनके बच्चे कहाँ देखेंगे? इसलिए आप सभी से प्रार्थना है कि नई पीढ़ी के खातिर पानी बचाओ।
कामता सिंह मंडल मीडिया प्रभारी भारतीय जनता पार्टी ने कहा इस धरती पर सबसे मुल्यवान पानी ही है क्योंकी पानी को बनाया नही जा सकता।
अतः हमारी जिम्मेदारी बनती है की अब हमें सचेत होकर पानी का सदुपयोग करना होगा व बचे हुए पानी को दूषित होने से बचाना होगा ।
जल का प्रत्येक कण अमृततुल्य है । अतः जल में निहित जीवन के रक्षण-पोषण और संवर्धन के लिए जल की एक एक बूँद सहेज कर रखें । जल ही जीवन है ।







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