धू धू कर जल रहा है जंगल और वन विभाग है कुंभकरणी नींद के आगोश में——
बलरामपुर( डॉक्टर संजय शुक्ला पथिक)—- सुहेलवा वन्य जीव प्रभाग के बेशकीमती हरे पेड़ औषधियां व वन्य जीव जंतु आग की लपटों में जलकर खाक हो रहे हैं। खैर मान दक्षिणी बीट के जंगल में 2 दिनों से आग धधक रही है। लाख प्रयास के बाद भी आग पर काबू नहीं पाया जा सका है या यूं कहें कि आग पर काबू पाने का प्रयास ही नहीं किया जा रहा है।
बताते चलें कि इन जंगलों में 1 माफिया और 1 कर्मियों की मिलीभगत से अक्टूबर से लेकर जनवरी तक धड़ल्ले से हरे पेड़ों की अवैध कटान होती रहती है जिसमें यदा-कदा कुछ छोटे लकड़ कट्टों को पकड़कर वन विभाग अपनी उपस्थिति दर्ज कराता रहता है लेकिन बड़े माफिया तक उनकी पकड़ नहीं हो पाती है। यहां तक की वन माफिया वन कर्मियों के सहयोग से ही जंगलों को सफाया कर रहा है। इसके बाद जैसे ही मार्च का महीना लगता है तुरंत वन विभाग के 1 कर्मी अपने-अपने बीएड से कटे हुए पेड़ों के बूट निशान देही का काम ना करें इसलिए जंगल को फूंक दिया करते हैं। वन कर्मियों के इस कुकृत्य से एक तरफ जहां प्रतिवर्ष करोड़ों रुपयों की बेशकीमती इमारती व औषधीय लकड़ियां जलकर राख हो जाती हैं वहीं दूसरी तरफ तमाम जीव जंतु भी आज की जद में आ कर नष्ट हो रहे हैं।
इसी क्रम में सुहेलवा बनने जीव प्रभाग के बनकटवा रेंज स्थित खैर मान दक्षिणी बीट में बीते 3 दिनों से आग धधक रही है। क्षेत्रीय ग्रामीण बड़े लाल सीताराम दिनेश कुमार तुलाराम अभय कुमार स्वामी प्रसाद छैल बिहारी वाला गंगा राम आदि ने बताया कि उन्होंने वन विभाग के उच्चाधिकारियों को इस मामले से अवगत भी कराया था कि नवगछिया गांव के पास खैर मान बीट वाले जंगल में लगे तमाम बेशकीमती पर आग की लपटों में जलकर खाक हो चुके हैं। किंतु मामले की गंभीरता को भी विभाग ने नजरअंदाज कर दिया और आग बुझाने के नाम पर मात्र झूठा मोटा कोरम पूरा किया है। इस विषय में बनकटवा के रेंजर राकेश सिंह का बयान है कि आग बुझाने के लिए वन विभाग की टीम जुटी हुई है। हालांकि जब संवाददाता मौके पर पहुंचा तो वहां पर वन विभाग की कोई भी टीम आग बुझाने मैं नहीं झुटी मिली बल्कि फोटो में आप स्पष्ट देख रहे हैं कि किस तरह जंगल धू धू कर जल रहा है।



