अमन लेखनी समाचार/संतोष मिश्र
बहराइच। एसएसबी 42वी वाहिनी मुख्यालय अगईया नानपारा की ओर से आयोजित हाजी मोहम्मद युसूफ डिग्री कॉलेज बाबागंज कोचिंग से ग्राम मधुवापुर की सुनीता का एसएसबी में चयन हुआ है। जिससे सभी कार्मिकों एवं सुनीता के परिजनों में खुशी का माहौल है। कार्यवाहक कमांडेंट प्रवीण कुमार ने बताया कि अक्टूबर 2017 में वाहिनी के तत्कालीन कमांडेंट अनिल कुमार गिरी भा.पु.से., उप कमांडेंट जय प्रकाश, उप कमांडेंट शैलेन्द्र कुमार पाण्डेय तथा सहायक कमांडेंट अमर दीक्षित की देखरेख में कोचिंग की शुरुवात की गयी थी। मुख्य प्रशिक्षक के रूप में सहायक उप निरीक्षक इमरान अख़्तर अंसारी , मुख्य आरक्षी राम लखन सिंह तथा मुख्य आरक्षी प्रशांत तिवारी थे। कोचिंग चलाने का उद्द्येश्य सीमावर्ती क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं को एसएसबी, केंद्रीय पुलिस बल व सेना में भर्ती करना था। कोचिंग में लगभग 300 अभ्यर्थी नियमित रूप से क्लास करते थे। वर्ष 2018 में एसएससी के माध्यम से होने वाली सिपाही भर्ती में कोचिंग से 160 अभ्यर्थियों ने फॉर्म अप्लाई किया था, जिसमें 40 अभ्यर्थी लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण हुए थे। अंतिम चरण में 03 छात्राएं सुनीता, शिप्रा गुप्ता तथा उम्मेहानी चयनित हुई थी जिसमें सुनीता का फाइनल मेरिट में चयन हुआ है। इसके अलावा कुछ युवक पुलिस तथा कुछ सेना में भी भर्ती हुए। बीते जनवरी माह में गृह मंत्रालय की टीम का सर्वे हुआ था उसमें भी कोचिंग क्लासेज की काफी सराहना की गयी थी। एसएसबी में चयनित सुनीता ने कहा कि हमें बचपन से फ़ौज में भर्ती होने का शौक था परन्तु दिशा देने वाला कोई नहीं था। हम काफी पिछड़े गाँव से थे जिससे हमें ये भी नहीं पता चलता था कि कब भर्ती आती है, फॉर्म कैसे भरा जाता है, कैसे दौड़ना है, कितना दौड़ना है इत्यादि। एसएसबी की कोचिंग से हमें तैयारी के लिए निःशुल्क जरुरी किताबें मुहैया करायी गयी, समय समय पर टेस्ट लिया जाता था। इसके अलावा एसएसबी में कोई कार्यक्रम होता था उसमें भी हम लोगो को मौका दिया जाता था। सुनीता ने कहा कि हम एसएसबी के अधिकारीयों से अनुरोध करते है कि भविष्य में भी ऐसी कोचिंग का आयोजन होना चाहिये। इस मौके पर एसएसबी 42वी वाहिनी के कार्यवाहक कमांडेंट प्रवीण कुमार ने सुनीता को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। उक्त मौके पर सुनीता के पिता हरेराम तथा ग्राम प्रधान राजेश कुमार, उप कमांडेंट शैलेश कुमार, उप कमांडेंट विजेंद्र कुमार मुख्य रूप से मौजूद रहे।







Visit Today : 503
Total Visit : 443177
Hits Today : 2783
Total Hits : 2454033
Who's Online : 1
