जहां एक तरफ भारतीय जनता पार्टी महिला सशक्तिकरण की बात करती है वहीं दूसरी तरफ 33% पार्टी पदों में आरक्षण महिलाओं को देने की बात करने के बाद भी वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष संगीता सेगर का टिकट भाजपा ने क्यों काट दिया यह सवाल उठना लाजमी है इसका जवाब भाजपा को देना पड़ेगा पहले टिकट दिया उसके बाद टिकट काट दिया आखिर महिलाओं के सम्मान के साथ ऐसा खिलवाड़ क्यों ? यदि टिकट को काटना था तो फिर टिकट दिया ही क्यों था ? और यदि टिकट दिया था तो काटा क्यों ? क्या यह महिलाओं के आत्म सम्मान पर चोट नहीं है, आखिर भाजपा मैं महिलाओं का निरादर क्यों अगर आपने ये वीडियो अपील अब तक नहीं देखी है तो मै आपको अमन लेखनी के माध्यम से इसे दिखाना चाहता हू अब आप ये वीडियो देखिये और बताइये क्या ये सवाल जायज नहीं हैं अगर हैं तो बीजेपी से ये सवाल आप भी कर सकते हैं ताकि एक महिला को उसके हक़ का आत्मसम्मान मिल सके अब आप देखिये यह वीडियो
भाजपा ने उन्नाव जिला पंचायत चुनाव में दुष्कर्म के आरोप में उम्र कैद की सजा काट रहे पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की पत्नी संगीता सेंगर की उम्मीदवारी रद्द कर दी है।
इसके बाद अब कुलदीप सिंह सेंगर की बेटी ऐश्वर्या सेंगर उनके पक्ष में सामने आयी हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर भावुक वीडियो डाल कर फैसले पर कई सवाल खड़े किए हैं।
उन्होंने पूछा है कि आखिर उनकी माता और उनके परिवार की क्या गलती है। जो उनका टिकट ग्राम पंचायत चुनाव में काट दिया गया। ऐश्वर्या सेंगर ने पूछा है कि क्या उनके परिवार को हमेशा अन्याय सहना पड़ेगा।
वीडियो में बेटी ऐश्वर्या ने कहा कि मेरा नाम क्या है इससे शायद अब फर्क ही नहीं पड़ता, लेकिन मेरा सरनेम सेंगर है। पिछले तीन साल से मेरे परिवार पर अन्याय पर अन्याय किया जा रहा है। मेरी मां संगीता सिंह सेंगर पिछले 15 वर्षों से उन्नाव में जिला पंचायत सदस्य हैं।
सक्रिय राजनीति का हिस्सा रही हैं। ईमानदारी और निष्ठा के साथ अपना हर दायित्व निभाती आ रही हैं। इसी कारण सभी सदस्यों द्वारा उन्हें जिला पंचायत अध्यक्ष भी चुना गया। आज एक महिला नेता की योग्यता, उनका अनुभव, उनकी मेहनत को ताक पर रख दिया गया।







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