अमन लेखनी समाचार
शुक्लागंज उन्नाव
बुधवार सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 112.940 मी0 था। धीमी गति से जलस्तर में बढ़ोत्तरी हुई। दोपहर बारह बजे 112.960 मी0 तक पहुंच गया। दोपहर दो बजे 112.970 मी0 पहुंच गया। वहीं चार बजे 112.980 मी. दर्ज किया गया। जो खतरे के निशान से महज दो सेंटीमीटर दूर रह गया है। केन्द्रीय जल आयोग की माने तो देर रात तक गंगा के खतरे के निशान तक पहुंच सकती हैं। तेजी से बढ़े जलस्तर के कारण नगर के चारों ओर सैलाब ही सैलाब दिखने लगा है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी पानी तेजी से फैल रहा है। जिससे खेतों में खड़ी सब्जियां जलमग्न हो गई हैं। किसानों के सामने बढ़ा संकट खड़ा हो गया है। तमाम परिवार घर छोड़ कर पलायन कर चुके हैं। कुछ ऐसे हैं जो गृहस्थी की रखवाली के लिए छतों पर रात गुजारने को मजबूर हैं। प्रशासन की ओर से पर्याप्त नावें भी नहीं लगाई गई है। जिससे कमर तक पानी से होकर निकलना पड़ रहा है। वहीं सरैयां उच्च प्राथमिक विद्यालय के आस पास पानी भर गया है। वहीं चंपापुरवा नेतुआ गांव के बीच काफी पुरानी बनी पुलिया पहले टूट गई थी। जिस पर ग्रामीणों ने उसे मिट्टी डालकर पाट दिया था। बुधवार को जलस्तर बढ़ने के कारण पुलिया में पड़ी मिट्टी को जेसीबी से हटवा दिया गया। जिससे चंपापुरवा नेतुआ का संपर्क टूट गया।








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