(पीलीभीत के नगराम के अचलीखेड़ा जा रहा था कार सवार परिवार,भौराकला गांव के पास अनियंत्रित होकर कार इंदिरा नहर में गिरी,तीन की जान बची, चार की मौत,दो मासूम लापता)
(एसडीआरएफ का राहत बचाव दल देर रात तक इंदिरा नहर के गहरे पानी में उतरकर मासूम की तलाश में रहा जुटा)
अमन लेखनी समाचार-मोहनलालगंज
नगराम के भौराकला गांव के पास शुक्रवार की दोपहर एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर इंदिरा नहर के गहरे पानी में जा गिरी,चीख,पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे राहगीरो से सूचना के बाद नगराम पुलिस सहित स्थानीय ग्रामीणो के काफी प्रयासो के बाद कार में सवार दो युवको सहित एक बच्चे को जीवित बचाया जा सका,जब कि कार में काफी देर तक फंसे रहने से सास-बहू व एक मासूम बच्ची व किशोर की दम घुटने से मौत हो गयी।वही नहर के तेज बहाव व गहरे पानी में लापता हुये दो मासूमो को खोजने के लिये एसडीआरएफ का राहत व बचाव दल नावो व सर्च लाइटो के सहारे जुटा रहा,लेकिन लापता मासूमो का देर रात तक कोई भी पता नही चल सका।पुलिस ने चारो मृतको के शवो का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिये भेजा।एडीसीपी दक्षिणी,एसीपी व नगराम इंस्पेक्टर पुलिस फोर्स के साथ देर रात तक मौके पर डटे रहकर राहत व बचाव कार्य में जुटे रहे।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार नगराम के अचलीखेड़ा गांव में स्थित एक आईएएस के फार्महाउस में चौकीदार की नौकरी करने वाले गंगाराम निवासी सुल्तानपुर से मिलने उनकी बेटी संगीता निवासी मैनी थाना बिलसंडा जनपद पीलीभीत अपनी सास रूपा देवी (65वर्ष) व बेटे रूद्रा(6वर्ष) व बेटी अनन्या(5वर्ष) व चाहत( 4वर्ष) व देवर गोधन व उसके बेटे कपिल व चालक कुलदीप व बहन के बेटे रूपेश(14वर्ष)को साथ लेकर शुक्रवार को मारुति वैगनआर कार से जा रही थी,चालक कुलदीप के मुताबिक कार लेकर वो ढाई बजे के करीब जैसे ही भौराकला गांव के पास पहुंचा ही थी की तभी अचानक टायर फटने से वो कार से अपना नियंत्रण खो बैठा ओर कार इन्दिर नगर के गहरे पानी में जा गिरी।जिसके बाद कार सवार महिलाओ-बच्चो चीख-पुकार सुनकर उधर से गुजर रहे राहगीरो ने नहर के पानी में कूदकर आनन-फानन डूब रही कार से चालक कुलदीप व गोवर्धन मिश्रा व उसके बेटे कपिल को जीवित सकुशल बाहर निकालने के साथ मृतक चाहत के शव को बाहर निकला।वही सूचना के बाद मौके पर पहुंचे पुलिस ने स्थानीय गोताखोरो को बुलाकर नहर के गहरे पानी में उतारा लेकिन कार पूरी डुबने के चलते गोताखोर उसके अंदर फंसे लोगो को निकालने में नाकाम रहे।जिसके बाद एसीपी दिलीप कुमार सिहं सहित मौके पर मौजूद इंस्पेक्टर मो० शमीम खान ने छः बजे के करीब क्रेन मंगाकर गोताखोरो को गहरे पानी में उतार कर कार को रस्सियों व क्रेन में लगे लोहे के तारो से बधांकर बाहर निकला,पुलिस को कार के अंदर से संगीता मिश्रा व उनकी सास रुपा देवी व रूपेश(संगीता की बहन का बेटा) के शव को बाहर निकला,लेकिन कार में बैठे मृतक संगीता के दो बच्चो अनन्या व रूद्रा का पता नही चल सका।जिसके बाद राहत व बचाव कार्य अधेरा होने के चलते बाधित होने लगा तो मौके पर मौजूद एडीसीपी दक्षिणी राजेश श्रीवास्तव ने पुलिस कमिश्नर डी के ठाकुर से फोन पर बात कर राहत व बचाव कार्य युद्वस्तर पर चलाकर लापता दोनो बच्चो को खोजने के लिये एसडीआरएफ दल को भेजे जाने की मांग की।पुलिस कमिश्नर डी के ठाकुर ने जिसके बाद एसडीआरएफ दल के कमांडेंट डा०सतीश कुमार से बात की तो मौके पर आठ सदस्यीय राहत व बचाव दल नावो व सर्च लाइटो के साथ मौके पर पहुंचा ओर नहर के गहरे पानी में उतरकर लापता दोनो बच्चो को खोजने में जुटा रहा।एडीसीपी राजेश श्रीवास्तव ने बताया देर रात तक पुलिस फोर्स के साथ मौके पर मौजूद रहकर एसडीआरएफ के बचाव दल की मदद से लापता मासूमो को तलाशने के प्रयास जारी रहे,लेकिन पता नही चल सका।





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